आरक्षण केवल गरीब वर्ग के लिए है।
अब समय आ गया है कि इसे जातिगत तरीके से हटाकर सभी समाज के गरीबो मे बांटना चाहिए । ऐसा 1991 कि समिक्षा के समय हो जाता तो अब तक 26 वर्षों मे आरक्षण कि आवश्यकता ही बहुत सिमित रहती । 1950 के नियम बदलने से दैश मे संतुलन बनेंगे , संतोष बढेगा, हिंसक जानलेवा आन्दोलन बंद होंगे। सामाजिक नफरत खत्म होगी , जो भारत को मजबूत करने के लिए जरूरी है । आरक्षण का वर्तमान परिदृश्य बन्द होना चाहिए ।
कुछ सुझाव एवं सावधानियाँ :
1) सबसे पहले उच्च एव मध्यम पदों में जातिगत आरक्षण बंद हो । ?
2) जातिवादी संगठनों के रजिस्ट्रेशन मैं हिंसक आंदोलन नहीं करने का शपथपत्र हो। इसके दूरगामी प्रभाव होगें। (सेना शब्द का इस्तेमाल केवल भारतीय सेना के लिए ही है )
3) गरीबी का मूल कारण परिवार मे आबादी का बढ़ना है । करोड़ों उधाहरण है। किसी परिवार विशेष में आबादी बढते ही कुपोषण बीमारी से समस्या वाले गरीबों की संख्या भी बढ़कर कई गुना हो जाता है ।
4) आरक्षण प्राप्त परिवार को दुबारा आरक्षण न मिले । अपनी ही जाती के अन्य नये गरीबों को मौका मिले इस के उपाय हो ।
5) अन्य जातियों के सर्वण गरीब परिवार को अवसर कैसे मिले, इस समाज विज्ञान को समझ कर नये आरक्षण संसोधन हो ।
6) आजादी से पहले के परिवारो मे भी एक ही परिवार मे अलग अलग तरह से रोजगार करने वाले सदस्य थे। अतः सरकारी नोकरी मे पहले से ज्यादा वंशवाद आज भी लगता है। क्योकि उच्च एवं मध्यम पदों के नौकरी प्राप्त परिवार गरीब नहीं होता । फिर उसी के बच्चे दुबारा आरक्षण क्यो ले रहे है । इसी कारण देश मे सामाजिक संतोष का स्तर गिरा हुआ है।
7) अपने क्षेत्र के योग्यता एवं विशेष योग्यता वाले उम्मीदवार जो भविष्य के भारत कि ( Globle Compitation ) विश्व से मुकाबला करने कि क्षमता को बढ़ाने का काम करेगा। ये सुनिश्चित हो । बुद्धि ज्ञान के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय साबित होगा जिस प्रकार फोज मे सभी कमजोर भर्ती नहीं हो सकते । राजनीति मे एक भी भ्रष्ट नहीं होना चाहिये । इसी प्रकार नौकरी मे पदों के लिए बुद्धि विवेक योग्यता को ही उच्च पदों का क्रमशः वितरण हो । तभी भारत मजबूत बनेगा
8) अगर कोई निम्न वर्ग का है तो उसे अन्य सामाजिक सुरक्षा देकर शिक्षा भोजन वगैरह से योग्य बनने का मौका देना चाहिए । मगर किसी कम पढ़े लिखे मूर्खो को नौकरी देकर देश की बर्बादी भ्रष्टाचार का कारण नहीं बनाने दे । बहुत गहरी बात है। देश बचाओ ।
9) याद कर ले कि भारत की आजादी दिलाने में विश्व युद्ध लड़ने गये गरीब राजपूत सेनिक अधिक थे जिनके बलिदान के कारण नाजीवाद फासीवाद जेसे घातक नये साम्यवादी ताकतों को रोकने मे विश्व युद्ध लड़ने गये भारतीय सेना का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है
जिनके नेतृत्व मैं इगलेड फ्रांस युरोप व अफ्रीका देश एशिया मे चीन वगैरह को बर्बाद होने से बचाया गया जिसके बदले गोरे अहशान उतारने के लिए भारत से चले गये । यह सच्ची बातें है । अतः हम कह सकते हैं कि भारत की आजादी दिलाने में राजपूतो क्षत्रियो सेनिको जिनमे अधिकाश गरीब सेनिक भी थे, का योगदान अति महत्वपूर्ण है । हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए की क्षत्रिय राजपूत युद्ध वीरो के वंशजो को भारत जैसे विशाल देश में अलग थलग रखें । इनके पूवर्जो के कारण ही देश मुस्लिम होने से बच पाया है। रही बात ब्राह्मण की तो भारतीय संस्कृति ज्ञान को बचाये रखने मैं योगदान अमुल्य रहा है । व्यापारी बनीया वर्ग का योगदान अति महत्वपूर्ण है जो देश के लिए अर्थव्यवस्था की गति बनाये रखते थे । एक देश से दूसरे देश में अनेक खतरनाक रास्तों से व्यापार किया करते फिरते थे । लागत व रोजगार मे संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता । फिर राहत अकालकार्य में बावड़िया धर्मशालाये मंदिर आदि से नये मजदूरी के अवसर देने से समाज को राहत देते रहे है ।
यहाँ कुछ बातें और समझने की जरूरत है ।
मुस्लिम हमलावर लुटेरो ठगो के पहले भारत में छुआ छूत का रिवाज नहीं था । भारत सोने की चिड़िया कहा जाता था । यहाँ गरीबी रेखा के नीचे के लोग केवल दूसरे प्रदेश से आए हुए भगोड़े ही थे जो किसी न किसी अपराध के कारण गुप्त रूप से अपने प्रदेश से भागने मै रहते हे एसे लोग आज भी यही करते फिरते है ।
तेमूर , गोरी, अलाउदीन ओरगजेब वगैरह मुस्लिम लुटेरो के कारण आए दिन युद्ध होते रहते थे जिसके कारण लूट मार व हत्या से बचने के लिए भी अपना सबकुछ छोड़ कर लोग पलायन करते फिरते थे ।
जेसे भारत पाकिस्तान बँटवारे के बवाल मे ताजा उधाहरण समझा जा सकता है ।
फिर एक ही व्यकति के कई बच्चों के कारण भी गरीबी बढी है । अतः हम यह कह सकते हैं कि गरीब ही गरीब को जन्म देता है ।
10) 50% से अधिक आरक्षण नहीं मिलना चाहिए ।
11) ??
100) ??
न्यायोचित सुझाव आमंत्रित है ।
सच्चा न्याय संतोष देता है। भविष्य का भारत ****।? अपने अनुभव व सूझाव दे।
जय हिन्द
2015
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